मन में उठते विचारों के हिलोरों को शब्द की किस्ती पे बिठा कर साहिल तक पहुँचाने की कोशिश
Saturday, 27 June 2015
अपने सबसे करीबी रिश्तेदार वो नहीं हैं जिनसे हमारा खून का रिश्ता है, बल्कि वो हैं जो बिना कहे हमारे दुखो को जान जाते हैं और उन्हें दूर करने का प्रयास करते हैं |
जरुरी नहीं करीब रहने वाला रिश्तेदार ही हो। जो करीब होता है उससे तो दिल का रिश्ता होता है जो सारे रिश्तों से ऊपर है।
ReplyDeleteसैकड़ो बेईमान अपनों से एक ईमानदार गैर भला
सच है जो वास्तव में अपना हो वो हजारो से एक ही भला है
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